सेन्ट्रल जेल से कैदी की रिहाई से पूर्व हुई मौत, परिजनों ने जेल प्रबंधन पर लगाया हत्या का आरोप

ग्वालियर. केन्द्रीय जेल में पाक्सो एक्ट में 7 वर्ष की सजा काट रहे एक कैदी संदिग्ध मौत हो गयी है। कैदी दुष्कर्म के मामले में जेल में सजा काट रहा था। जेल प्रबंधन ने बताया है कि बुधवार की रात कैदी मनोज यादव की तबियत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गयी। वहीं कैदी के परिजनों ने जेल के बाहर हंगामा करते हुए जेल प्रबंधन पर हत्या का आरोप लगाया है।
क्या है मामला
जिस कैदी की मौत हुई उसका नाम मनोज यादव बताया गया है। 20 वर्षीय मनोज यादव पठारी कदीम गांव जिला महोबा यूपी का निवासी है। दुष्कर्म और पोक्सो एक्ट के मामले में उसे यूपी में गिरफ्तार किया गया था। साल 2020 में यूपी की जेल से ग्वालियर की केन्द्रीय जेल में ट्रांसफरउ किया गया था। ऐसा बताया जा रहा है कि बुधवार को ही न्यायालय ने कैदी मनोज की रिहाई के आदेश दिये थे। लेकिन समय अधिक होने की वजह से जेल प्रशासन ने उसके परिजन को गुरूवार की सुबह आने के लिये कहा था। गुरूवार की सुबह जब परिजन जेल पहुंचे तो उन्हें मनोज के निधन की खबर मिली।
हार्ट अटैक से मौत की संभावना
कैदी मनोज यादव की मौत को लेकर उसके परिजनों ने जेल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये है। मनोज की बहन का आरोप है कि वह सुबह 8 बजे लेज से बाहर आ गयी थी। पहले जेल में तैनात पुलिसकर्मी ने कहा था कि वह नहा रहा है फिर लगभग 2 घंुटे के बाद उसकी मौत हो गयी है। बहन का आरोप है कि जेल प्रबंधन ने हीह त्या की है। वहीं दूसरी ओर जेल प्रबंधन का कहना है कि रात में तबियत बिगड़ने के बाद मनोज को अस्पताल लेकर गये थे। जहां देर रात को उपचार के बीच ही उसकी मौत हो गयी। हार्ट अटैक से मनोज की मौत होने की संभावना है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।